प्रदेश की तीन महान लोक हस्तियों को पद्मश्री अवॉर्ड ( 2026)
1️⃣ गफ्फूद्दीन मेवाती जोगी
▪️क्षेत्र: भपंग वादन (लोक संगीत)
▪️निवास: मूल रूप से कैथवाड़ा गाँव, डीग (भरतपुर) | वर्तमान में अलवर
▪️योगदान:
▪️पांडुन का कड़ा के एकमात्र कलाकार
▪️2500+ दोहे कंठस्थ
▪️देश-विदेश में लोककला का प्रचार
सम्मान:
▪️राज्य स्तरीय पुरस्कार (2016)
▪️राष्ट्रपति पुरस्कार (2024)
▪️संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप (2024)
2️⃣ तगा राम भील
▪️क्षेत्र: अलगोजा वादन (लोक वाद्य यंत्र)
▪️समुदाय: भील जनजाति
▪️निवास: जैसलमेर, राजस्थान
▪️योगदान:
▪️अलगोजा वादन की विशिष्ट शैली
▪️यूरोप, रूस, अमेरिका, जापान सहित 15+ देशों में प्रस्तुति
▪️मरु महोत्सव की नियमित शान
▪️AIR जैसलमेर के लिए रिकॉर्डिंग
▪️अलगोजा – “सांसों का संगीत”, जिसमें बिना रुके धुन बहती है
3️⃣ ब्रह्म देव महाराज
▪️क्षेत्र: लोक कला एवं आध्यात्मिक -सांस्कृतिक योगदान
▪️योगदान:इन्होंने श्रीगंगानगर में 13 दिसंबर 1980 को श्री जगदंबा अंधविद्यालय की स्थापना की।
▪️यहां नेत्रहीन बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है
▪️पद्मश्री पुरस्कार – भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान
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