▪️अली अकबर खां - जोधपुर - इन्हें जोधपुर का तानसेन कहते हैं।
▪️कैलास जागोटिया - क्लोथ आर्ट का जनक
▪️प. उदय शंकर - उदयपुर - भारतीय बेले के जनक
▪️प. विश्वमोहन भट्ट - इन्होंने वीणा व गिटार को मिलाकर मोहनवीणा का आविष्कार किया।
▪️गणपत लाल डांगी - जोधपुर - रंगमंचकर्मी
▪️इन्हें गिगले का बापू कहा जाता है।
▪️भारत-पाक युद्ध के दौरान आकाशवाणी से प्रसारित इनका प्रोग्राम काफी लोकप्रिय हुआ।
1. कुचामनी ख्याल
▪️नागौर क्षेत्र की लोकप्रिय ख्याल है।
▪️इस ख्याल का जनक लच्छी राम है।
▪️इस ख्याल का अन्तर्राष्ट्रीय कलाकार उगमराज है।
▪️यह हास्य प्रधान ख्याल है।
2. शेखावटी ख्याल
▪️इस ख्याल का जनक नानू राम है।
3. चिडावा ख्याल
▪️इस ख्याल का जनक नानूराम का शिष्य दुलिया राणा है।
4. हेला ख्याल
▪️इस ख्याल का मूल स्थान लालसोट (दौसा) है।
▪️इस ख्याल सवाई माधोपुर में लोकप्रिय है।
▪️इस ख्याल का जनक शायर हेला है।
5. तुर्रा कंलगी ख्याल
▪️यह ख्याल घोसुण्डी (निम्बाहेडा- चित्तौडगढ) की प्रसिद्ध है।
▪️यह ख्याल हिन्दू-मुस्लिम एकता की परिचायक है।
▪️तुर्रा (शिव का पात्र) की भूमिका हिन्दू कलाकार द्वारा अदा की जाती है।
▪️कलगी (पार्वती का पात्र) की भूमिका मुस्लिम कलाकार द्वारा अदा की जाती है।
▪️तुर्रा-भगवे रंग के तथा कलंगी- हरे रंग के वस्त्र धारण करते है।
▪️इस ख्याल में तुर्रा का जनक - तुकनगीर व कलंगी का जनक शाहअली है।
6. अली बख्शी ख्याल
▪️इस ख्याल का मूल क्षेत्र अलवर का क्षेत्र है।
▪️ख्याल के जनक अली बक्ष है।
▪️अली बक्ष को "अलवर का रसखान" कहते है।
7. ढप्पाली ख्याल
▪️अलवर क्षेत्र में लोकप्रिय है।
8. किशनगढ़ी ख्याल
▪️अजमेर व जयपुर के आस-पास का क्षेत्र इस ख्याल के लिए प्रसिद्ध है।
▪️इस ख्याल का जनक बंशीधर शर्मा है।