आजकल कुछ लोग बड़ा भारी ज्ञान देते हैं कि “बेरोज़गार की कोई होली नहीं होती।”
ज़रा उनसे पूछिए —
परसों हम रहेंगे, इसकी क्या गारंटी है?
नौकरी के बाद होली मना पाएँगे, इसकी क्या गारंटी है?
ज़िंदगी इंतज़ार करने के लिए नहीं, जीने के लिए मिली है।
जो है, जैसा है, जिस समय है,
उसी में, उपलब्ध संसाधनों के साथ
दिल खोलकर सेलिब्रेट कीजिए…!! 🎨
Happy Holi 🌈✨